Top No.1 Akbar Birbal Interesting and funny Story

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Akbar Birbal

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एक दिन कुछ सैनिक आपस में बात कर रहे थे कि यह आदमी कौन है जो सुबह-सुबह पौधों में पानी डाल रहा है, तभी एक सेना दुसरे सेना से कहता है इसका नाम है। भीखू गधे की तरह काम करता है फिर भी इतनी गालियां सुनता है। तभी दूसरे से ना कहता है अरे उस तरफ मत देखो उसे देखोगे तो, हमें भी सारा दिन गालियां ही खानी पड़ेगी। तभी दूसरा सेना कहता है सही कहा तुमने वहां है ही इतना मनहूस, दूसरा सेना कहता है, भीखू इतना मनहूस है, तो शहंशाह उसे निकाल क्यों नहीं देते। दूसरा सेना कहता है शहंशाह कभी ऐसा नहीं करेंगे वह एक नेक दिल बादशाह है। वह गरीब की रोजी-रोटी कभी नहीं छीनेंगें। दूसरा सेना कहता है हां यह तो सच है हमारे शहंशाह जैसा नेक दिल इंसान पूरी दुनिया में नहीं मिलेगा। उसी वक्त शहंशाह सो कर जाग रहे होते हैं और उनकी क्लास में पानी नहीं रहती है। तब वह सेना को आवाज लगाकर कहते हैं कोई है यहां पर पानी लाओ, अभी एक सेना कहता है अभी मैं पानी भिजवाता हूं महाराज, तभी शहंशाह जोरो जोरो से चिल्लाकर पानी पानी बोलने लगते हैं। लेकिन वहां पर कोई भी व्यक्ति नहीं रहता है भीखू यह सुनकर मन ही मन कहता है शहंशाह पानी मांग रहे हैं।

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मैं खुद ही जाकर शहंशाह को पानी पिलाता हूं, इतना कहकर भीखू पानी लेकर शहंशाह के कक्ष में चले जाता है। और शहंशाह से कहता है हुजूर यह रहा पानी, शहंशाह भीखू से कहते हैं तुम भीखू कहता है जी हुजूर, आस पास कोई नहीं था और आप काफी देर से पानी के लिए आवाज दे रहे थे। शहंशाह मन ही मन सोचने लगते हैं मनहूस चेहरा वह भी सुबह-सुबह अब पूरा दिन कहीं खराब ना जाए। शहंशाह ग्लास उठाकर पानी पीने लगते हैं। पानी पीने के बाद शहंशाह के पेट में जोरों से दर्द होने लगता है, भीखू शहंशाह से कहता है क्या हुआ हुजूर उधर से सैनिक पानी लेकर आ रहे होते हैं। और कहते हैं क्या हुआ शहंशाह को। उसी में से एक सेना कहते हैं दिखाई नहीं देता शहंशाह का सेहत खराब हो रहा है यह मनहूस यहां क्या कर रहा है। इसकी वजह से ही शहंशाह की तबीयत खराब हुई है। एक सेना भीखू को पकड़ के बाहर की तरफ ले जाकर कहता है निकलो तुम यहां से, शहंशाह जोरो से चिल्लाकर कहते हैं हाय मेरा पेट, एक सेना दूसरी सेना को आदेश देकर कहता है जल्द से जल्द हकीम शाह को बुलाओ। शहंशाह अपने बिस्तर पर से गिर जाते हैं, और उनके पैरों में भी चोट लग जाती है। तभी एक सेना महारानी को संदेश देने के लिए जाता है और कहता है महारानी एक बुरी खबर है।

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शहंशाह ने सुबह-सुबह भी भीखू चेहरा देख लिया और, इतना कहते हैं महारानी सेना से कहती है शहंशाह ठीक तो है। सेनापति महारानी से कहता है। यह कैसे मुमकिन हो सकता है उस मनहूस भीखू के पिलाए पानी से उनके पेट में दर्द हुआ, वह विस्तार से गिर पड़े और उनके पैर में भी मोच आ गए। महारानी कहती है हकीम साहब को बुलाने कोई गया है कि नहीं। सेनापति कहता है हां वह उनका इलाज कर रहे हैं, महारानी साहिबा कहती है चलो शहंशाह को देखने चलें। महारानी साहिबा शहंशाह को देखने के लिए उनके कक्ष में जाकर उनसे कहती है अब कैसी तबीयत है आपकी, शहंशाह कहते हैं दवाई से थोड़ा राहत महसूस कर रहा हूं। महारानी साहिबा कहती है और शुक्र है आज आप सिर्फ आराम कीजिए शहंशाह कहते हैं शहंशाह को आराम कहां महारानी, मेरे दरबार में ना जाने से बहुत से काम अधूरे रह जाएंगे। कुछ दिनों बाद शहंशाह का तबीयत ठीक हो जाता है, एक दिन शहंशाह और बीरबल बाहर मैदान में टहल रहे होते हैं। तभी वहां पर एक ब्राम्हण, वहां आता है और कहता है शहंशाह सलामत रहे, शहंशाह ब्राह्मण से कहते हैं क्या चाहिए तुम्हें, ब्राह्मण कहता है शहंशाह मुझे 1000 स्वर्ण मुद्राएं कमाना चाहता हूं। शहंशाह कहते हैं 1000 स्वर्ण मुद्राएं, सभी ब्राह्मण शहंशाह से कहता है जी हां हुजूर मैंने अपनी इकलौती बेटी के लिए एक योग्य वर ढूंढो है। उसकी विवाह करने के लिए मुझे पैसों की जरूरत है, हुजूर मुझे एक मौका चाहिए धन कमाने के लिए, शहंशाह मुस्कुराते हुए कहते हैं तुम्हें एक मौका चाहिए धन कमाने के लिए, ब्राम्हण कहता है जी हां हुजूर, तभी शहंशाह कहते हैं ठीक है मैं तुम्हें 1000 स्वर्ण मुद्राएं कमाने का मौका देता हूं। शहंशाह की नजर अचानक एक तालाब पर पड़ती है और वह ब्राह्मण से कहते हैं क्या तुम उस तालाब के ठंडे पानी में खड़े रह सकते हो। गर्दन तक गहरे पानी में, सारी रात तुम कल सूरज निकलने के बाद ही बाहर निकलोगे। यह सुनकर ब्राह्मण आश्चर्यचकित हो जाता है क्योंकि ठंड का मौसम रहता है।

akbar and birbal stories in gujarati
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वहां खड़े बीरबल भी आश्चर्यचकित हो जाते हैं लेकिन ब्राम्हण शहंशाह से कहने लगता है जी हां हुजूर जो आप चाहते हैं मैं करूंगा। शहंशाह ब्राह्मण से कहते हैं याद रखना गहरे पानी में सुबह तक, यह कहकर सेंसर वहां से चल पड़ते हैं। बीरबल उस ब्राह्मण से कहने लगता है क्या तू अपनी जिंदगी जोखिम में नहीं डाल रहे हो। ब्राम्हण बीरबल से कहते हैं मेरे पास और कोई रास्ता नहीं है। बीरबल ब्राह्मण से कहते हैं इतनी ठंड में इस ठंडे पानी में किसी भी व्यक्ति का इसमें उंगली डालना भी संभव नहीं है। तुम सारी रात कैसे काटोगे, तभी ब्राह्मण बीरबल से कहते हैं पता नहीं हुजूर इतना कहकर ब्राम्हण उस तालाब में चले जाते हैं। बीरबल अपनी कक्ष में बिस्तर पर लेट रहे होते हैं तभी वहां पर उनकी पत्नी आती है और कहती है सुनिए आप सोए क्यों नहीं जाते, बीरबल अपनी पत्नी से कहते हैं मुझे नींद नहीं आ रही क्योंकि उस ब्राम्हण पूरी रात उस तालाब के अंदर कैसे रह सकता है। बीरबल की पत्नी बीरबल से कहती है लेकिन शहंशाह ने इतनी मुश्किल में उन्हें डाला क्यों बीरबल कहते हैं मुझे नहीं पता, पर मैं उस गरीब ब्राह्मण को जिंदा देखना चाहता हूं। अगले दिन शहंशाह बीरबल और उनके कुछ सेनापति उस तालाब के पास पहुंचते हैं, वह सब उस ब्राम्हण को उस तालाब में ही देखकर आश्चर्यचकित हो जाते हैं।तभी शहंशाह उस ब्राह्मण से कहते हैं तुम बाहर आ जाओ और बीरबल से कहते हैं मुझे अपनी आंखों पर यकीन नहीं हो रहा है।

तालाब में ब्रह्मन
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तुमने नामुमकिन काम कर दिखाया। तभी बीरबल शहंशाह से कहते हैं जी हां हुजूर, अपनी बेटी की शादी के खातिर अपनी जान जोखिम में डाली। शहंशाह उस ब्राह्मण से कहते हैं तुमने सारी रात इस ठंडे पानी में रात गुजारी कैसे क्या तुम मुझे यह राज बता सकते हो। अगर एक पहलवान भी खड़ा होता तो बेहोश हो जाता, ब्राह्मण शहंशाह से कहता है कोई राज नहीं है शहंशाह बस मुझे 1000 स्वर्ण मुद्राएं चाहिए थी। मुझे यह मौका देने के लिए आपका शुक्रिया, अकबर ब्राह्मण से कहते हैं लेकिन तुम बच कैसे गए। ब्राह्मण अकबर से कहता है महल की आने वाले रोशनी से शहंशाह, अकबर ब्राह्मण से कहते हैं इसका मतलब तुमने हमारी महल से रोशनी आने वाली से आराम से रात काट ली। इस हालात में तुम इनाम के हकदार नहीं हो, इतना कहकर शहंशाह वहां से चले जाते हैं। ब्राह्मण रोते हुए कहता है अब मैं बेटी की शादी कैसे करूंगा। उस ब्राह्मण को रोते देख बीरबल को बहुत बुरा लगा, बीरबल जब अपने कक्ष में आराम कर रहे होते हैं तभी उसकी पत्नी वहां आकर कहती है शहंशाह उस गरीब ब्राह्मण को 1000 स्वर्ण मुद्राएं नहीं देकर अच्छा नहीं किया। बीरबल अपनी पत्नी से कहते हैं सही कहा तुमने पर ऐसा उन्होंने पहली बार किया।
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बेचारा ब्राह्मण रो रहा था, लेकिन उसे इनाम मिलना ही चाहिए। तभी बीरबल मन ही मन सोच कर कहते हैं अपनी पत्नी से तुम फिक्र मत करो, मेरे पास एक तरकीब है। इतना कहकर अकबर शहंशाह के पास जाकर, खिचड़ी के दावत पर बुलाने के लिए आग्रह करते हैं। शहंशाह खुश होकर कहते हैं ठीक है। हमें तुम्हारा दावत कुबूल है बीरबल, अगले दिन शहंशाह और कुछ सेनापति बीरबल के घर जाते हैं। बीरबल शहंशाह को कहते हैं बैठिए हुजूर, इतना कहकर बीरबल वहां से चले जाते हैं। शहंशाह सेनापतियों के साथ बैठ जाते हैं और कहते हैं बहुत जोरों की भूख लगी है अब तो खाना लगना ही चाहिए। शहंशाह एक सेना से कहते हैं बीरबल कहां है सेना शहंशाह से कहता है वह बगीचे में खाना बना रहे हैं हुजूर, तभी शहंशाह कहते हैं मैंने तुम्हें 2 घंटे पहले भी यही कहा था तुमने कहा था वह बगीचे में खाना बना रहे हैं। तुम्हारे कहने का मतलब बगीचे में खिचड़ी बना रहा है। सेना कहता है जी हां हुजूर खासम खास खिचड़ी है आपके लिए, अकबर सभी सेनापतियों को कहते हैं चलो बागीचे में चलते हैं।

akbar birbal ki khidri
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इतना कहकर शहंशाह और सेनापति बगीचे मैं जाने के लिए निकल पड़ते हैं। akbar birbal से कहतें हैं, बीरबल हम भूखे हैं, कब खिलाओगे हमें खिचड़ी, बीरबल शहंशाह से कहते हैं माफ करिएगा हुजूर आप लोगों को थोड़ा और इंतजार करना पड़ेगा। यह सुनकर शहंशाह अचंभित होकर कहते हैं बीरबल क्या तुम्हें पता नहीं कि मैंने सुबह से कुछ नहीं खाया है। तभी शहंशाह की नजर एक वृक्ष पर पड़ती है जिसमें एक हांडी में खिचड़ी चढ़ी होती है और उसके 10 फीट नीचे आग लगी होती है। यह देख शहंशाह आश्चर्यचकित होकर बीरबल से कहते हैं बीरबल या खिचड़ी की हांडी तो 10 फीट ऊपर है तो फिर खिचड़ी कैसे बनेगी। बीरबल मुस्कुराते हुए कहते हैं जरूर पहुंच सकती है हुजूर, खिचड़ी बस तैयार होने वाली है। शहंशाह गुस्से में कहते हैं तुम बेतुकी बात कर रहे हो, बीरबल कहते हैं माफ कीजिए हुजूर जब वह गरीब ब्राम्हण तालाब के ठंडे पानी में रहकर आपके महल से मिलने वाली रोशनी से अगर गर्मी पा सकता है, जो चल रही थी 100 फीट की दूरी पर, तो 10 फीट पर टंगा यह हांडी नीचे जल रही इस आग से आज क्यों नहीं पा सकता है।
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यह सुनकर शहंशाह के मन में उस गरीब के प्रति दया आ जाती है। तभी शहंशाह बीरबल से कैसे हैं बीरबल मुझे महसूस हुआ कि मैंने उस गरीब ब्राह्मण के साथ ठीक नहीं किया। उसने अपनी जान जोखिम में डाली थी और मैंने उससे उसका सही इनाम नहीं दिया। 1000 स्वर्ण मुद्राओं के बदले मैं उस गरीब ब्राह्मण को 2000 स्वर्ण मुद्राओं देने का वादा करता हूं। यह सुनकर बीरबल और उसकी पत्नी बहुत खुश हो गई। बीरबल शहंशाह से कहता है हुजूर, आइए अंदर आइए मैंने खुद अपने हाथों से आपकी पसंद के पकवान बनाए हैं। शहंशाह मुस्कुराते हुए कहते हैं बीरबल तो फिर इस खिचड़ी का क्या होगा। बीरबल अकबर से कहता है वह मेरे रात का भोजन है हुजूर, इतना कहकर सभी लोग घर के अंदर जाकर भोजन करते हैं।

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दूसरे दिन जब महल में दरबार लगते हैं तब शहंशाह बीरबल और कुछ सेनापति वहां बैठे हुए होते हैं। तभी वहां पर एक व्यक्ति आकर शहंशाह से कहता है इंसाफ करिए हुजूर, मेरा सब कुछ लुट गया। मैं पूरा बर्बाद हो गया, शहंशाह कहते हैं श्याम सुंदर हुआ क्या है। किसने लूटा तुम्हें, वह व्यक्ति शहंशाह से कहता है मैं नहीं जानता हुजूर, मैंने आज सुबह अपनी तिजोरी खोली तो देखकर आश्चर्यचकित रह गया।

मेरी जिंदगी भर की पूंजी गायब हो गई शहंशाह, शहंशाह उस वक्त इसे कहते हैं क्या क्या था उसमें, वह व्यक्ति रोते हुए कहता है 10,000 सोने के सिक्के चांदी हीरे, कुछ भी नहीं बचा शहंशाह सबका सब चला गया। शहंशाह उस व्यक्ति से कहते हैं तुम्हें किसी के ऊपर शक है। श्यामसुंदर कहता है नहीं हुजूर, मैं तो एक भिखारी बन गया, बर्बाद हो गया हुजूर, इतना कहकर श्याम सुंदर बहुत जोरों से रोने लगता है। शहंशाह बीरबल से कहते हैं बीरबल क्या तुम पता लगा सकते हो। श्याम सुंदर की दौलत किसने लूटी, बीरबल अकबर से कहते हैं इसके लिए मुझे छानबीन करनी होगी। शहंशाह कहते हैं तो देर किस बात की है, तभी बीरबल वहां से चल पड़ते हैं। बीरबल श्याम सुंदर से कहते हैं तुम घबराओ मत श्याम सुंदर तुम्हारी सारी दौलत तुम्हें मिल जाएगी लेकिन जहां पर यह चोरी हुई है मैं वह जगह देखना चाहूंगा। श्यामसुंदर कहता है ठीक है हुजूर चलिए इतना कहकर बीरबल और श्याम सुंदर उनके घर जाते हैं। बीरबल श्याम सुंदर से कहते हैं तुम्हारे घर के और सारे लोग कहां गए हैं। तब श्यामसुंदर कहता है मेरी पत्नी और दो बेटे उनके पत्नी सब कानपुर शादी में गए हैं। जाना तो मुझे भी था लेकिन अब इस चोरी की वजह से मैं कहां जा पाऊंगा। बीरबल श्याम सुंदर से कहते हैं घर में और कौन-कौन है श्यामसुंदर बीरबल से कहता है एक माली और रसोईया घर के दो रखवाले और घर के काम में हाथ बंटाने के लिए दो नौकर, बीरबल श्याम सुंदर से कहते हैं क्या वह तुम्हारे कमरे में आते जाते हैं, श्यामसुंदर कहता है हां आते हैं लेकिन मैं उन पर कभी शक नहीं कर सकता क्योंकि वह सब बहुत सालों से यहां काम कर रहे हैं।
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वे सब बेहद ईमानदार और वफादार है। बीरबल उस तिजोरी को गौर से देखने लगते हैं, और श्याम सुंदर से कहते हैं तुमने तिजोरी कब खोली थी श्यामसुंदर मेरे से कहते हैं हुजूर मैंने तिजोरी कल रात को ली थी सब कुछ ठीक था लेकिन अचानक तिजोरी से सारे गहने पैसे चोरी हो गए। बीरबल श्याम सुंदर से कहते हैं क्या तुमने रात को खिड़की खुली छोरी थी, श्यामसुंदर कहता है अरे हां वह ताजी हवा खाने के लिए बीरबल हंसते हुए श्याम सुंदर से कहता है तुमने तो ताजी हवा खाने की अच्छी कीमत चुकाई है मुझे यह काम तुम्हारे घर के किसी व्यक्ति का लगता है। इतना क्या कर वीर बल और श्यामसुंदर उस कमरे से बाहर चले जाते हैं। बाहर जाकर बीरबल श्यामसुंदर को 6 डंडे देता है और कहता है तुम यह सब अपने घरवालों को देखकर कहना कि यह सब जादुई छड़ी है। और कहना जिस किसी ने भी मेरी दौलत चुराई है उसकी छड़ी 6 इंच लंबी हो जाएगी। यह सारी बातें उन्हें ठीक से समझा देना। हम कल सुबह तुम्हें नौकरों के साथ दरबार में मिलेंगे।

akbar birbal ki jadui chhadi
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इतना कहकर बीरबल श्याम सुंदर के घर से अपने घर चले जाते हैं यह सारी बात अपनी पत्नी को बताते हैं उनकी पत्नी बीरबल से कहती है क्या वह सचमुच जादुई छड़ी है, बीरबल कहते हैं हां उनकी पत्नी कहती है लेकिन वह छड़ी तो आपने जंगल से लाई थी और भी सारे छड़ी जंगल में रखी हुई है। अगले दिन दरबार में श्याम सुंदर और उनके सभी नौकर पहुंचते हैं। बीरबल श्याम सुंदर से कहते हैं श्याम सुंदर जरा मुझे वह छड़ी दिखाना, श्यामसुंदर वह सारी छड़ीयों बीरबल को देकर कहते हैं एक छड़ी लंबी नहीं हुई है। बीरबल हंसते हुए कहते हैं यह तो बड़ी हैरानी की बात है, लेकिन 3 छोटी तो हुई है, जो छड़ी छोटी हुई थी वह उठाकर बीरबल कहते हैं यह छड़ी तुमने किसको दी थी। श्याम सुंदर कहता है मैंने अपने रखवाले को दी थी हुजूर, बीरबल कहते हैं इस रखवाले नहीं तुम ही लूटा है तभी शहंशाह सेनापति से कहते हैं कि केद कर लो इसे, शहंशाह बीरबल से कहते हैं बीरबल तुमने यह सब कैसे किया तभी बीरबल शहंशाह कौशल योजना बता देता है।
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यह सुनकर शहंशाह बीरबल से कहते हैं तुम तो बहुत चालाक हो बीरबल, बीरबल फिर वह हंसते हुए कहते हैं आपकी मेहरबानी हुजूर, लेकिन मैंने तो सोचा था आप कहेंगे चालाक दरोगा, यह सुनकर शहंशाह बहुत हंसने लगते हैं।

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निष्‍कर्ष :-

आज के इस पोस्‍ट में हमने  short story for kids in hindi, akbar birbal stories जो कि बहुत ही इंटरेस्टिंग और इस  akbar birbal stories in hindi मेakbar birbal की खिचड़ी, akbar birbal की जादुई छड़ी  के बारे हमें कुछ रोचक जानकारी भी मिलेगी । इस पोस्‍ट मे akbar birbal के दिमाग के बारे मे भी जानेंगे किस तरह akbar birbal किसी भी प्रकार का सामाधान akbar birbal एक साथ मिलकर करतें हैं   इसके बारे जाना तो दोस्‍तों आपको यह पोस्‍ट कैसा लगा कमेंट कर अवश्‍य बताएं।  

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