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No 1 Kahani in Hindi | best Hindi Moral Stories

No 1 Kahani in Hindi | best Hindi Moral Stories

तीन जादुई दरवाजे की kahani 

यह kahani एक गांव का है, उस गांव में रामनाथ नामक बुरा आदमी रहता था, उनका इकलौता बेटा था गोपाल, गोपाल बहुत नादान था। उसके बारे में सबको पता था इसलिएगांव में उसे कोई नौकरी नहीं दे रहे थे, एक दिन रामनाथ अपने बेटे गोपाल को उसके मुखिया के पास लेकर गया था। प्रकाश सिंह उस गांव में सबसे धनवान था, और एक नंबर का कंजूस था। और बहुत बुरा था, तभी रामनाथ प्रताप सिंह से कहता है हुजूर यह मेरा बेटा गोपाल है। कृपया करके इसे आपके पास काम में लगा दे, तभी प्रताप सिंह कहता है हां हां ठीक है लेकिन मेरे यहां बिना रुकावट के 3 साल काम करना पड़ेगा।

hindi kahani
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kahani moral stories in hindi कल इसको वेतन दूंगा। तभी रामनाथ कहता है आपकी मर्जी हो जी यह आप जो कहते हो काम किया तो वह मेरे लिए बहुत खुशी की बात है, तभी गोपाल अपने पिता से कहता है बाबू वेतन कितना देंगे पहले पूछो तो, तभी रामनाथ गोपाल से कहता है अरे तुम्हें काम देना ही बड़ी बात है तुम्हारे काम को देखकर कुछ ना कुछ तो देंगे। तुम को खाना खिलाना ही मुझसे मुश्किल हो रहा है। इधर रहेगा तो कम से कम तीन वक्त की रोटी तो मिल जाएगी, चुपचाप जो कहते हैं वह काम करो, यह कहकर रामनाथ चला गया। उस दिन से लेकर प्रताप सिंह गोपाल से बहुत कम कराया हर रोज एक ही बार खाना खिलाता था, 1 दिन प्रताप सिंह गोपाल से कहता है अरे गोपाल आज तक तुम्हारा 3 साल का काम पूरा हो गया है, तुम्हारा वेतन लेकर तुरंत उधर से चलेगा। तभी गोपाल कहता है ठीक है मालिक मुझे जो मिलना है वह दे दीजिए, प्रताप सिंह उसके हाथ में ₹300 रखा। वह देखकर गोपाल हैरान हो गया था, गोपाल लेकिन कुछ नहीं कहा तभी गोपाल प्रताप सिंह से कहता है मालिक मैं जब से काम करने आपके यहां आया था तब से लेकर आज तक मैंने यही कपड़े पहने हैं कृपा करके मुझे नए कपड़े दिलवा दीजिए ना, तभी प्रताप सिंह कहता है जब तुम्हें काम पर लगाया था तुम्हारे बाप ने कपड़े के बारे में कुछ नहीं कहा था सिर्फ 3 टाइम के खाना देने के लिए कहा था।

kahani
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मुझे जो लगा है वह मैं दे रहा हूं। 1 साल का एक सो रुपए चाहिए तो ले लो नहीं तो नहीं, तभी गोपाल हो ₹300 रुपए लेकर चला गया। वह गांव जंगल के रास्ते से जा रहा था तभी एक भिखारी दिखाई दिया। तभी भिखारी गोपाल को रोककर कहता है मुझे एक सौ रुपया दान करो तभी गोपाल मन ही मन कहता है मेरे पास तो केवल ₹300 है 3 साल मेहनत करके कमाया है ऐसे में शहर में नया कपड़ा खरीदना चाहता हूं यह कहकर आगे चला गया। थोड़ी देर के बाद गोपाल उस भिखारी के पास आया था, और कहता है story in hindi तुम्हारे कपड़े तो मेरे कपड़े से भी पुराने हैं। यह लो एक ₹100 वह भिखारी एक ₹100 लेकर एक चाबी गोपाल को दिया था। अभी भिखारी गोपाल से कहता है यह चाबी अपने पास रख लो आगे आगे तुम्हारे काम आएगा, गोपाल को कुछ समझ में नहीं आया। गोपाल के कुछ आगे जाने के बाद उनको एक बूढ़ा दिखाएं दीया, उनके कपड़े भी बहुत खराब और फटे हुए थे। गोपाल उन्हें भी एक सौ रुपया दिया था और उन्होंने एक चाबी देकर चला गया। गोपाल और तोरे आगे जाने के बाद उसे तीसरा भिखारी दिखाई दिया। उनके कपड़े भी बहुत फटे हुए थे, गोपाल के पास जो एक सो रुपए बचा था वह भी उनको दे दिया। वह भी गोपाल को एक चाबी दिया, तभी गोपाल उस भिखारी से कहता है यह चारों का मामला क्या है दादा जी बिना ताले की झाइयों का क्या करूंगा, आपसे पहले भी दो लोग मुझे ऐसे ही चाबियां दिए थे।

desi kahani
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तभी वह भिखारी गोपाल से कहते हैं धीरज रखो बेटा इनसे तुम्हें अच्छा ही होगा। और थोड़ा आगे जाओ तुमको ही पता चलेगा। और किसी को देने के पास मेरे लिए कुछ भी नहीं बचा है यह कहकर उधर से आगे गया। कुछ देर के बाद उसे एक तीन 3पेड़ दिखाई दिए, और उन तीन पैर को 3 बरे दरवाजे थे। 1 दरवाजे पैसों से बना हुआ था दूसरा दरवाजा सोने से बना हुआ था और तीसरा दरवाजा हीरों से बना हुआ था, तब गोपाल को वह तीन चाबियां याद आए। गोपाल पहले उस पैर के सामने जाकर पैसे वाले दरवाजे को खोला तब उसमें से ढेर सारी रुपए गिरने लगे। तभी गोपाल दूसरा दरवाजा खोला तो ढेर सारे सोने के हार गिरने लगे। और तीसरा दरवाजा खोला तो उसमें से ढेर सारे हीरे गिरने लगे, गोपाल बहुत खुश होकर उन तीनों को इकट्ठा कर लिया। ऐसे गोपाल शहर जाकर एक बड़ा सा घर खरीद लिया। गहनों का व्यापार और कपड़ों का व्यापार भी शुरू किया था, यह बात प्रताप सिंह को पता चला। तभी वह मन ही मन सोचने लगा मैंने जो दिया वह ₹300 वह इतना सारा संपत्ति कैसे कमाया, सच में वह सौभाग्य मुझे मिलना चाहिए।hindi moral stories यह सोच कर प्रताप सिंह गोपाल जैसे पुराने कपड़े पहन कर घर से निकला और गोपाल ने जैसे किया था वह ₹300 लेकर तीन भिखारियों को दान दिया। और तीन चाबी और लिया था, और जंगल में जाते जाते हुए तीन पैर के पास पहुंचा हीरो के दरवाजे पर जाकर मन ही मन कहता है इसमें जरूर हीरे होंगे। तभी वह दरवाजा खोलकर देखा तो तभी उस दरवाजे से बड़े-बड़े पत्थर प्रताप के शरीर पर आकर गिरे, तभी यह सोचकर रुपया दरवाजों को खुला। तभी उसमें से पुराने कागज और पुराने कपड़े प्रताप सिंह के आगे आकर गिरे।प्रताप सिंह व सब साफ करके सोने का दरवाजे को खोला। उस दरवाजे के अंदर से राक्षस बाहर निकले, तब प्रताप सिंह डर गया था। तब वह राक्षस प्रताप सिंह को कोहरे से मारने लगे तभी प्रताप सिंह उस राक्षस से कहता है अरे रुकिए आप कौन हैं और मुझे क्यों मार रहे हैं, तभी राक्षस ने कहा तुम बहुत अन्याय से गोपाल के 3 सालों से उसकी कमाई लूट लिया इसलिए सजा के रूप में तुम्हारे सारे संपत्ति गोपाल के पास पहुंच गया। हमने जो उसे दिया वह सब जो तुमने कमाया अन्याय करके था वही है। अब तुम्हें पुराने कपड़े के अलावा कुछ भी नहीं बचेगा, कम से कम तुम अपनी बुद्धि को बदल कर सबका सहायता करें नहीं तो तुम्हें खाना तक नहीं मिलेगा इतना कहकर राक्षस उधर से गायब हो गए थे, प्रताप सिंह वापस घर जाकर देखा तो उनका पूरा दीवार टूट गए थे, घर का सारा सामान पत्थर और कचरे में बदल गए थे। और प्रताप सिंह को उनके पुराने कपड़े ही बचे थे, गोपाल उनके पिता के साथ एक बड़ा बंगला में सुकून की जिंदगी की जीने लगा। 

दुसरी  kahaniyan, जादुई तीन एटीएम

 hindi stories रतनगढ़ नाम के गांव में तोताराम नाम का एक बूढ़ा रहा करता था उसके पत्नी का नाम था गंगूबाई, तोताराम का बेटा और बहू मर जाने के बाद उसकी पोते चरण की जिम्मेदारी उस पर थी। तोताराम रतनगढ़ में मौजूद एक एटीएम का सिक्योरिटी गार्ड का काम किया करता था। गंगूबाई हर रोज तोताराम से कहती थी तुम इस उम्र में कितने काम करते हो, दिन रात एक कर के तुम्हें ड्यूटी करना पड़ता है। घर पर कब आते हो कब जाते हो पता ही नहीं चलता है, वैसे भी मैं 4 घरों में काम कर रही हूं ना और दो घर देख लूंगी। तुम घर पर रहकर चरण की देखभाल करना, तभी तोताराम गंगूबाई से कहता है तुम्हारी उम्र कम नहीं हुई है क्या वैसे भी तुम्हारे काम के मेहनत के आगे मेरा काम कुछ भी नहीं है। एक जगह पर बैठकर चौकीदारी करना ही तो पड़ता है, चरण को अच्छे से पढ़ा कर उसे बड़ा इंसान बनाना है अब हम दोनों की बस वही जिम्मेदारी है।

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चरण एक दिन तोताराम के लिए एटीएम के पास खाना लेकर गया। तोताराम पूरा एटीएम साफ करके बाहर आया हाथ पैर धोकर खाना खाया, तभी चरण तोताराम से कहता है क्यों दादा जी आप इतनी मेहनत करते हो हमारे गांव में मुश्किल से 200 से ज्यादा लोग तो नहीं आते। आप तो ऐसे चार-पांच बार साफ करते रहते हो। और जो आपको बैंक पैसे देती है, वह बहुत कम है। तभी तोता राम चरण से कहता है पैसे ज्यादा हो या कम इस से मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता बैंक वाले को जैसा ठीक लगे इस काम के लिए उतना ही पैसे देते हैं। तभी चरण तोताराम से कहता है पता नहीं दादा जी हमेशा कुछ न कुछ नैतिक चीजें बोलते रहते हो हमें कुछ समझ नहीं आया। एक रात तोताराम एटीएम की चौकीदारी कर रहा था, कुछ चोर बंदूक लेकर आए और तोताराम को खूब पीटे।moral story in hindi एटीएम को तोड़कर उसमें से सारे पैसे ले ली, तब अगले दिन ही तोताराम की नौकरी चली गई। गंगूबाई तोताराम के चोट पर दवाई लगाती हुई कहती है, बेकार वाली नौकरी मत करो कितनी बार कहा था। अब देखो क्या हो गया, तभी चरण तोताराम से कहता है आपने तो बहुत श्रद्धा से नौकरी की थी ना दादा जी, चोर आकर बंदूक से डरा दे तो आप का क्या कसूर आपको तो इतनी चोट लगी है डॉक्टर के पास ले जाए बिना आपको नौकरी से कैसे निकाल सकते हैं।

story in hindi for kids
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हम ऊपरी अधिकारी को कंप्लेन देते हैं। तभी तोता राम चरण से कहता है ऊपरी अधिकारी के बिना जानकारी के कुछ भी नहीं नहीं होता बेटा इस हिसाब से तो सिक्योरिटी गार्ड के पास एक बंदूक होना चाहिए। लेकिन उन्होंने मुझे बंदूक नहीं दी और जो सबसे बड़ा अधिकारी है ना उसे सब का हिसाब रहता है हमें कोई भी परेशानी हो, वह बेकार नहीं जाती आप फिकर मत कीजिए। सब हमारे भलाई के लिए ही होता है। कुछ दिनों बाद गंगूबाई काम के लिए गई तोताराम मजदूर के काम की तलाश में चला गया। चरण घर के बाहर बैठ कर पढ़ रहा था, इतने में ही वहां तीन बंदर आए हम पढ़ाई छोड़ कर उसे देखने लगा। वह बंदरों से कहता है भूख लग रही है। एक बंदर हां बोलते हुए सर हिलाया, तभी चरण बंदर से कहता है अरे विचारा है भूख लगी है अभी यहीं रुको मैं घर से कुछ देख कर आता हूं खाने को कुछ है क्या, कहते हुए घर के अंदर गया। वह बहुत ढूंढा लेकिन एक नारियल का ठुकरा एक छोटा सा तरबूज का टुकड़ा और एक छोटे से टमाटर के अलावा वह कुछ नहीं था। चरण वह सब को लेकर एक एक बंदर को दे दिया। तभी चरण बंदरों से कहता है अब तुम्हें देने के लिए मेरे पास और कुछ नहीं है, एक बंदर आकर चरण का हाथ  पकड़ लिया दूसरा बंदर चरण का शर्ट खींचने लगा, तीसरा बंदर कोई रास्ता दिखा रहा हूं जो आगे जाकर खड़ा हो गया। तभी चरण तीनों बंदरों से कहता है क्या मैं तुम्हारे साथ हूं ठीक है चलो।

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मैं भी देखता हूं कहां ले चलते हो, यह कहकर उनके साथ निकल पड़ा। तीनों बंदर चरण को एक जंगल तक ले गए, चरण को जंगल के बहुत दूर जाने के बाद एक बड़ा सा नारियल एक बड़ा सा टमाटर और एक बड़ा सा तरबूज दिखा। चरण उन्हें देखकर मन ही मन सोचने लगा जंगल के बीच में क्या है। बहुत अलग दिख रहा है, करीब आकर देखा तो वह सब एक एटीएम थे, नारियल एटीएम तरबूज एटीएम और टमाटर एटीएम तभी चरण कहता है जंगल में भले एटीएम कौन इस्तेमाल करता है, एक बंदर ने नारियल के एटीएम में कार्ड डालकर उसमें पीन डालते हैं। और तभी उस नारियल के एटीएम से पैसों की ढेर लग जाती है, तभी दूसरा बंदर तरबूज के एटीएम के पास जाकर कार्ड डालकर पिन नंबर दबाया। तो उसमें से सोने के सिक्के बरसने लगे, फिर तीसरा बंदर टमाटर के एटीएम में कार्ड डालकर पीन दबाया तो उसमें से हीरे निकलने लगे, वह देखकर चरण बहुत आश्चर्य में पड़ गया। तभी चरण वह पैसा जेवर और हीरे को लेकर बंदर की मदद से अपने घर तक पहुंचा, चरण जब तक घर पहुंचे उससे पहले गंगूबाई और तोताराम घबराए हुए थे। तभी चरण घर पहुंचता है तोताराम उससे कहता है बिना बताए कहां गए थे मैं और तुम्हारी दादी कितना परेशान हुए थे, जानते हो। और यह तीन बंदर कहां से आए, जो हुआ चरण सब तोताराम और गंगूबाई को बताने लगता है, और पैसे सोना जेवर सब दिखाया। तोताराम के कहानी और गंगूबाई बंदर को नमस्कार किए, फिर वह वहां से चले गए। पूरे पैसे जेवर सोने से उनका परिवार बहुत धनवान बन गए थे, उस दिन से तोताराम वह मायावी एटीएम का ऑनर बन गया था। वह सब जरूरतमंद लोगों की मदद करके खुशी से रहने लगे।

जादुई पैसे की बारिश

राजस्थान में अमरपुरा नाम के khaani गांव में हर साल लोग बारिश के लिए पूजा करते थे। वह आसमान की ओर आस लगाए देखते रहते थे, लेकिन एक बूंद भी बारिश नहीं होती थी। और खेत सारे सूखे रहते थे। फसल ना होने के कारण किसानों के परिवार भूखे सोते थे, खेती बारी के अलावा उनके पास कोई काम नहीं था। कई किसान अपने परिवार के साथ मजदूरी करने के लिए शहर की तरफ चल पड़े। उस गांव में भुवन और ब्रजेश नाम के 2 दोस्त रहते थे। दोनों के पास चार चार एकड़ जमीन थी। 1 दिन ब्रजेश भुवन से कहता है, अरे यार अब इस सूखे जमीन के भरोसे मैं बैठने से कोई लाभ नहीं होगा। इसीलिए मेरे पास एक उपाय है, सब जानते हैं कि इस गांव में जितना मर्जी गड्ढा खोद लो पानी नहीं निकलने वाला। लेकिन हम गांव वालों को यकीन दिलाएंगे कि हमने टेक्नोलॉजी से गड्ढा खोदकर पानी निकालेंगे लोग पैसे देंगे और हम वह पैसे लेकर यहां से उड़न छू हो जाएंगे।

kids story in hindi
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फिर मुंबई या दिल्ली जाकर धंधा करेंगे और आराम से जिंदगी गुजारेंगे क्यों क्या कहते हो, तभी भुवन ब्रजेश से कहता है, क्या बकवास करते हो, पहले ही गांव वाले मुसीबत के मारे हैं तुम उन्हें धोखा देना चाहते हो। यह ना भूलो कि हम भी उन्हीं की तरह किसान हैं। वैसे अपने ही रिश्तेदारों को धोखा देने की यह सोच कहां से आए तुम में, मुझे यह सब पसंद नहीं है। अगर तुमने ऐसी कोई हरकत की तो मैं चुप नहीं बैठने वाला। तभी ब्रजेश से सहेम गया, और ब्रजेश भुवन से कहने लगा मैं अपने ही गांव वालों को क्यों धोखा दूंगा। यूं ही कुछ समय बीत गया। गांव वालों की हालत और भी खराब हो गई, एक दिन भुवन ब्रजेश से कहता है। यार ब्रजेश अपने परिवार और गांव वाले को बचाने का एक आखरी मौका मिला है मुझे, अभी-अभी मैं एक साधु से मिलकर आया हूं वह कह रहे थे। हमारे गांव के पास वाले जंगल में एक पेड़ है कहते हैं कि वह पेड़ बहुत पवित्र है, वह कह रहे थे उस पैर के नीचे बिना कुछ खाए पिए मन से तपस करो तो भगवान प्रकट होते हैं। और इंसान को वर देते हैं, इसीलिए हम कल ही वहां जाएंगे और तपस करेंगे। 3 दिन हमने कुछ नहीं खाया पिया तोमर तो नहीं जाएंगे ना, अगर कुछ हो भी गया तो क्या नुकसान वैसे भी हमारे गांव में लोग भूखे तो मर ही रहे हैं। तभी ब्रजेश कहता है ठीक है यार। अगले दिन वह दोनों जंगल में गए और उस पेड़ के नीचे बैठकर तपस करने लगे उन्होंने आंखें मूंदकर बड़े ध्यान से तपस करने लगा। लेकिन ब्रजेश 10 मिनट भी नहीं बैठ पाया उसने आंखें खोली, और इधर उधर देखने लगा।

moral story in hindi
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अपना सेलफोन निकाला और किसी से बातें करने लगा। 1 घंटे के बाद पिंटू नाम का लड़का आया, और उसके सामने लिट्टी चोखा रखा ब्रजेश उसे खाने लगा। फिर उसने आंखें बंद कर ली और तपस करने लगा। दोपहर को पिंटू फिर आया उसने ब्रजेश के लिए रोटी दाल तड़का दही मिठाइयां सब ला कर दिया, ब्रजेश ने मुझे सिखाया और फिर कॉल्‍ड ड्रिंक भी पिया फिर से तपस करने लगा। इसी तरह ब्रजेश रात को खराटे मार कर सोता था लेकिन भुवन बड़ी श्रद्धा से तपस कर रहा था। यूं ही 3 दिन बीत गए, तीसरे दिन देवी मां प्रकट हुई। तभी देवी मां कहती है हे मानव तुम्हारे भक्ति से मैं परेशान हूं अब दोनों आंखें खोलो, तभी दोनों उठ खड़े हुए। तभी देवी मां कहती है दोनों से भक्त मांगो क्या मांगते हो। तभी भुवन देवी मां से कहता है माता आप तो हमारी गांव की हालत जानती हैं। आप हमारे गांव में हर साल वारिस करा दो यही बहुत है, हम सबकी शान आपकी जिंदगी भर पूजा करते रहेंगे। तभी देवी मां कहती है तथास्तु, तभी ब्रजेश देवी मां से कहता है माता आपने देखा ना कि यह इंसान कितने बुद्धू होते हैं अभी आप प्रकट हुई और वर मांगने के लिए कहा तो इसमें केवल बारिश और पानी मांगा पर मैं ऐसा नहीं हूं मां गांव घर कि खेत में बारिश कराओ पर मेरे खेत में सिर्फ पैसों की बारिश होनी चाहिए। तभी देवी मां कहती है भक्त जैसे तुमने मांगा तुम्हारे खेत में केवल पैसों की बारिश होगी। लेकिन केवल 1 घंटे के लिए बस लेकिन पूरी जिंदगी भर तुम्हारे खेत में एक बूंद भी बारिश नहीं होगी। बोलो मंजूर है, तभी ब्रजेश देवी मां से कहता है बहुत है मां एक घंटा मेरे खेतों में पैसे की बारिश होगा तो मैं करोड़पति बन जाऊंगा। फिर मुझे उस खेत से क्या काम, तब देवीमां तथास्तु कहा और वह गायब हो गई।

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तब वे दोनों अपने खेत की ओर चले गए। तभी जोर की बारिश हुई भुवन बहुत खुश हो गया। उसने मन ही मन देवी मां को प्रणाम किया, बाकी सब किसान खुशी के मारे नाचने लगे। लेकिन ब्रजेश के खेत में बारिश बिल्कुल ही नहीं हुई, वह जाकर अपने खेत में खड़ा हो गया तुरंत उसकी खेतों में पैसों की बारिश होने लगी। रुपयों की ढेर उसके ऊपर गिरने लगे यू 1 घंटे तक उसकी खेतों में पैसों की बारिश हुई, उसका सारा खेत रुपयों से भर गया। ब्रजेश खुश होकर उन रुपयों को गठरी में बांध कर ले जाने लगा उन रुपयों को अपने घर में रखा। उस दिन रात को ब्रजेश खुशी के मारे अपने परिवार वालों के साथ पटाखे जलाने लगा। ब्रजेश ने एक रॉकेट जलाया वह रॉकेट सीधा उनके घर के अंदर घुसा और गैस सिलेंडर से जा टकराया। तो गैस सिलेंडर में आग लगी और और सारा घर जल गया उनके देखते ही देखते घर के साथ-साथ उन रुपयों की गटरी अभी जल गई। ब्रजेश अपने दिल पर हाथ रख के पीछे गिर गया। भुवन के मेहरबानी से उस गांव में हमेशा बारिश होने लगी। और सब लोग फसल उगाने लगे ब्रजेश के खेत में पानी ना होने के कारण वह सूख गया और ब्रजेश खेत में मजदूरी करने लगा।

Conclusion

तो दोस्तों आज के इस पोस्ट में हमने आप लोगों को kahani cast, Hindi short writing, storis, khani के बारे में बताया आप लोगों को यह कहानी कैसी लगी एक बार जरूर बताएं और ऐसे ही इंटरेस्टिंग कहानी को पढ़ने के लिए हमारे ब्लॉक वेबसाइट को विजिट करें और नए तरीके की कहानी जानकारी पाने के लिए कमेंट बॉक्स में कमेंट जरूर करें।

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